भूमि-उपयोग और कृषि परिदृश्य का अध्ययन (विराट नगर का भौगोलिक अध्ययन)
Author(s): Dr Gumana Ram, Dr Moolchand Dogiwal
Publication #: 2608005
Date of Publication: 10.08.2026
Country: India
Pages: 1-8
Published In: Volume 12 Issue 4 August-2026
Abstract
यह शोध-पत्र जयपुर जिले की विराटनगर तहसील में भूमि उपयोग और कृषि परिदृश्य का विश्लेषण से संबंधित है। यह अध्ययन विराटनगर तहसील में सरकारी स्रोतों से इकट्ठा किए गए आंकड़ों पर आधारित है। इसलिए, विराटनगर तहसील में कृषि के क्षेत्र को बढ़ाकर अर्थव्यवस्था और कृषि विकास करने की काफी संभावना है। भूमि का उपयोग सीधे या परोक्ष रूप से कृषि और उसकी उत्पादकता को प्रभावित करता है। कृषि भूमि का उपयोग विभिन्न फसलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को दर्शाता है और इसमें बदलाव का सीधा संबंध होता है। धरातलीय स्वरूप, जलवायु, मृदा, सिंचाई, तकनीक जैसे कारक कृषि और उसके उत्पादन को प्रभावित करते हैं। अध्ययन क्षेत्र में जनसंख्या वृद्धि के कारण कृषि और आवासीय क्षेत्र में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते खाली और बंजर भूमि का भी फसल प्रतिरूप में बदलाव के साथ उपयोग किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों जैसे फलों और सब्जियों की व्यावसायिक कृषि, सिंचाई सुविधा, उन्नत बीज, खरीद सुविधाएं, बेहतर परिवहन और कृषि बाजार और खाद्य उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य ;डैच्द्ध को अपनाने के कारण कृषि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। अध्ययन क्षेत्र में जैविक खेती, हाइड्रोपोनिक्स आदि जैसी कृषि तकनीकों को बदलकर खेती में सुधार करने और टिकाऊ विकास हासिल करने की क्षमता है।
Keywords: कृषि, फसल प्रतिरूप, आर्थिक कारक, भूमि उपयोग।
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