राजस्थान की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के स्वास्थ्य, आवास और जीवन स्तर के प्रभाव का अध्ययन

Author(s): डॉ रमेश चंद मीना

Publication #: 2607006

Date of Publication: 18.08.2025

Country: india

Pages: 1-8

Published In: Volume 11 Issue 4 August-2025

Abstract

राजस्थान में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (Particularly Vulnerable Tribal Groups - PVTGs), जिनमें मुख्य रूप से सहरिया (Sahariya) जनजाति शामिल है, सामाजिक-आर्थिक पिरामिड के सबसे निचले पायदान पर स्थित हैं। प्रस्तुत शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के बारां जिले के शाहबाद और किशनगंज तहसीलों में केंद्रित सहरिया जनजाति के स्वास्थ्य सूचकांकों, आवास की स्थिति और समग्र जीवन स्तर के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करना है। यह शोध प्राथमिक सर्वेक्षण और द्वितीयक आंकड़ों (NFHS-5, जनगणना रिपोर्ट और नीति आयोग के इंडेक्स) के त्रिकोणीयकरण (Triangulation) पर आधारित है।

अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि पारंपरिक वन-आधारित आजीविका के विस्थापन के कारण इस समूह में गंभीर कुपोषण (Stunting और Wasting), पल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस (Pulmonary TB) की अत्यधिक उच्च व्यापकता और दृश्यमान आवास असुरक्षा व्याप्त है। केंद्र सरकार की पीएम-जनमन (PM-JANMAN) योजना के माध्यम से पक्के आवास और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) के हस्तक्षेपों ने सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की है, परंतु संरचनात्मक कमियां, स्वच्छता (Sanitation) का अभाव और सुरक्षित पेयजल तक सीमित पहुंच आज भी उनके जीवन स्तर को प्रभावित कर रही है। अंततः, यह पत्र एक बहु-आयामी, सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील और स्थानीय स्तर पर अनुकूलित नीतिगत ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

Keywords: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs), सहरिया जनजाति, पीएम-जनमन योजना, जनसांख्यिकीय संकट, बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI)

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