कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 - मुद्दे मतदान व्यवहार परिणाम एवं भविष्य की दिशा
Author(s): डॉ. लक्ष्मीनारायण नागौरी
Publication #: 2305012
Date of Publication: 19.05.2023
Country: India
Pages: 1-7
Published In: Volume 9 Issue 3 May-2023
Abstract
कर्नाटक विधानसभा 2023 के चुनाव परिणाम कई संदर्भ और अर्थो में अप्रत्याषित माने जा रहे है। कर्नाटक दक्षिण भारत का एक मात्र राज्य है। जहॉ भाजपा की प्रभावी राजनीतिक उपलब्धियां रही है। तीन प्रमुख राष्ट्रीय दल भाजपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एवं श्रक्ै(जे.डी.एस.) जैसा क्षेत्रीय दल भी चुनाव मैदान में था।
विगत 5 विधानसभा चुनावो में मात्र दो बार किसी दल को 2009 और 2013 में स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ था और विगत 38 वर्ष में हर 5 वर्ष में सरकार परिवर्तन वहां का राजनीतिक व्यवहार रहा है।
त्रिषंकु विधानसभा की स्थिति में जे.डी.एस. किंग मेकर की बजाय स्वयं किंग बन गयी। एक बार कांग्रेस के सहयोग से और एक बार के सहयोग से भाजपा को कभी भी अपने बूते स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया यह भी यथार्थ है। जबकि कांग्रेस ने अनेक बार स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाई है।
कर्नाटक में जातीय आधार पर लिंगायत वोकालिंगा और कुरुबा वर्ग माने जाते है। मुस्लिम ,ओबीसी और दलित वर्ग की भी प्रभावी उपस्थिति है। लिंगायत निजलिंग्गपा के पष्चात कभी कांग्रेस के पास एक मुष्त नहीं रहे, रामकृष्ण हेगड़े के समय जनता पार्टी में तथा बाद में भाजपा येदुरप्पा के नेतृत्व में इन्हें अपने पक्ष में रखने में सफल रही है।
लेकिन इस बार सारे तिलस्म तार-तार होते नजर आये और कांग्रेस को प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ 137 स्थान पर कर्नाटक में कंाग्रेस की यह जीत 1989 के बाद सबसे बड़ी जीत है। तब कांग्रेस को 178 सीट प्राप्त हुई थी।
भाजपा को 64 और जे.डी.एस.को 20 स्थान प्राप्त हुए है।
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